शिव शक्ति बगला मुखी धाम पंजाब प्रदेश के जिला जालंधर के भोगपुर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है देश ब विदेश के विभिन्न राज्यों से लोग आकर अपने कष्टों के निवारण के लिए हवन, पूजा, पाठ करवाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
बगलामुखी मां दुर्गा का तांत्रिक स्वरूप रूप हैं। वे दस महाविद्या में से आठवीं हैं। रूपाकारों में इन्हें अष्ट–दस भुजा रूप में चित्रित किया गया है। संयम–नियमपूर्वक मां बगलामुखी के पाठ–पूजा, जाप, अनुष्ठान से सर्व keraj सिद्ध होते हैं। मां दुश्मनों का नाश करती हैं। । मां बगलामुखी की पूजा राज में विजय दिलाने वाली, राज्याधिकार के योग को संभव बनाने वाली हैं।
मंदिर लोगों की आस्था व श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है असंख्य श्रद्धालु मंदिर में आकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इसके अतिरिक्त मंदिर के साथ प्राचीन शिवालय में शिवलिंग tatha 12 jyoterling स्थापित है, जहां लोग माता के दर्शन के उपरांत शिवलिंग का अभिषेक करते हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माता बगलामुखी की आराधना सर्वप्रथम ब्रह्मा एवं विष्णु भगवान ने की थी। इसके उपरांत भगवान परशुराम ने माता बगलामुखी की आराधना करके अनेक युद्धों में शत्रुओं को परास्त करके विजय पाई थी।
बगलामुखी जयंती पर मंदिर में हवन करवाने का विशेष महत्त्व है जिससे कष्टों का निवारण होने के साथ–साथ शत्रु भय से भी मुक्ति मिलती है। द्रोणाचार्य, रावण, मेघनाद इत्यादि सभी महायोद्धाओं द्वारा माता बगलामुखी की आराधना करके अनेक युद्ध लड़े गए।
श्रद्धालु नवग्रह शांति, ऋद्धि–सिद्धि प्राप्ति, सर्व कष्टों के निवारण के लिए मंदिर में हवन पाठ करवाते हैं।
लोगों का अटूट विश्वास है कि माता अपने दरबार से किसी को निराश नहीं भेजती हैं। केवल सच्ची श्रद्धा एवं सद्विचार की आवश्यकता है।
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